सनातन संग
सुशासन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व, विचारों, उनकी सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का समग्र आकलन — बाईस अनुभवी पत्रकारों, लेखकों और विद्वानों के तेईस आलेखों में।
- पृष्ठ संख्या208
- भाषाहिंदी
- बाइंडिंगहार्डबाउंड
- ISBN978-81-689579-1-6
- मूल्य₹801
इस पुस्तक के बारे में
देश में ऐसे धार्मिक-आध्यात्मिक विभूति कम ही हुए हैं, जिन्होंने संत और दार्शनिक होने के साथ-साथ शासक-प्रशासक के रूप में भी ख्याति अर्जित की हो। गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ इस परंपरा में एक विरल उदाहरण हैं।
महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्यनाथ जैसे गुरुओं ने अध्यात्म को समाजसेवा और राजनीतिक नेतृत्व से जोड़ने की जो राह दिखाई थी, योगी आदित्यनाथ ने पहले सांसद और फिर मुख्यमंत्री के रूप में उस पर चलते हुए संत और शासक के सम्मिलित नेतृत्व का मानक स्थापित किया।
यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व पर सामान्य विवेचन नहीं है। इसका केंद्र मुख्यमंत्री के रूप में उनके नौ वर्षों का शासनकाल और उन वर्षों की उपलब्धियों का आकलन है — कानून-व्यवस्था से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, ‘एक जिला एक उत्पाद’, महिला आत्मनिर्भरता और किसानों के सशक्तीकरण तक।
इसे लिखा है उन अनुभवी पत्रकारों, शिक्षाविदों और लेखकों ने जिन्होंने योगी आदित्यनाथ के सार्वजनिक जीवन को शुरुआत से देखा और समझा है — उनके जीवनीकार शान्तनु गुप्ता से लेकर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव तक।
योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व पर पूर्व में अनेक पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं, लेकिन इस पुस्तक को विशेष रूप से मुख्यमंत्री के रूप में उनके नौ वर्षों के शासनकाल और इन वर्षों की उपलब्धियों के समग्र आकलन पर केंद्रित किया गया है। संपादकीय — ‘अपनी बात’
इस संस्करण की विशेषताएँ
तेईस स्वतंत्र आलेख
किसी एक लेखक की दृष्टि नहीं — बाईस पत्रकारों, शिक्षाविदों और विद्वानों के तेईस स्वतंत्र आलेखों का संकलन।
नौ वर्षों का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री के रूप में बीते नौ वर्षों की नीतियों, कार्यक्रमों और उपलब्धियों का क्रमबद्ध मूल्यांकन।
निकट से देखी गई दृष्टि
लेखकों में योगी आदित्यनाथ के जीवनीकार, गोरखपुर के महापौर और प्रदेश की राजनीति को दशकों से कवर करने वाले संपादक शामिल हैं।
संग्रहणीय हार्डबाउंड
208 पृष्ठों का प्रथम संस्करण, सजिल्द — व्यक्तिगत संग्रह, पुस्तकालयों और संस्थानों के लिए उपयुक्त।
पुस्तक के लेखक
संपादक मंडल
वरिष्ठ चिकित्सक। लगातार तीन बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं। प्रेसिडेंट, एनसीआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेरठ एवं चेयरपरसन, एनआईईटी समूह, ग्रेटर नोएडा। चिकित्सा, शिक्षा और समाजसेवा में लगभग पाँच दशक से सक्रिय।
लगभग 35 वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक जागरण से करीब 20 वर्ष जुड़े रहे, फीचर संपादक भी रहे। सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल एवं कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यू के संपादक। एनएलएम वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक न्यासी।
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मूल्य में भारत के भीतर डिलीवरी शुल्क सम्मिलित है। 25 या अधिक प्रतियों के लिए संस्थागत दर उपलब्ध है।
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शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत — पंजीकृत लोक न्यास।
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